राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन: किसानों को क्या मिलेगा, पूरी जानकारी

केंद्र सरकार ने 2,481 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को मंज़ूरी दी है। जानिए इसमें किसानों को ट्रेनिंग, बायो-इनपुट सेंटर और प्रमाणन के रूप में क्या मिलेगा।

भारतीय किसान क्लब3 मिनट पढ़ें

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने 25 नवंबर 2024 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) को मंज़ूरी दी।
  • कुल बजट ₹2,481 करोड़ — केंद्र का हिस्सा ₹1,584 करोड़ और राज्यों का ₹897 करोड़।
  • लक्ष्य: 1 करोड़ किसानों तक पहुंचना और 7.5 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती शुरू करना।

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (National Mission on Natural Farming) केंद्र सरकार की योजना है, जिसका मकसद देश भर में रसायन-मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक स्वतंत्र केंद्रीय प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया जा रहा है।

मिशन के प्रमुख लक्ष्य

बिंदुलक्ष्य
कुल बजट₹2,481 करोड़ (केंद्र ₹1,584 करोड़ + राज्य ₹897 करोड़)
किसान1 करोड़
क्षेत्रफल7.5 लाख हेक्टेयर
क्लस्टरइच्छुक ग्राम पंचायतों में 15,000
बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC)ज़रूरत के अनुसार 10,000
मॉडल प्रदर्शन फार्मलगभग 2,000 (KVK, कृषि विश्वविद्यालय और किसानों के खेतों पर)
प्रशिक्षित किसान (जीवामृत, बीजामृत आदि बनाने में)18.75 लाख
कृषि सखी / CRP30,000

किसानों को क्या मिलेगा

  • गांव के पास प्रशिक्षण — प्राकृतिक खेती की विधियों और घोल बनाने की ट्रेनिंग।
  • तैयार घोल और सामग्री — बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर से, उन किसानों के लिए जो खुद नहीं बना सकते।
  • कृषि सखी की मदद — जागरूकता, खेत पर मार्गदर्शन और समूह बनाने में।
  • सरल प्रमाणन और साझा ब्रांडिंग — ताकि प्राकृतिक उपज को बाज़ार में पहचान और बेहतर दाम मिल सके।
  • ऑनलाइन पोर्टल — जियो-टैग के साथ निगरानी।
  • दूसरी योजनाओं से जुड़ाव — पशुपालन, बाज़ार और किसान मंडियों से संबंधित योजनाओं के साथ।

कैसे जुड़ें

  1. अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक के कृषि अधिकारी से पूछें कि क्या आपके क्षेत्र में NMNF क्लस्टर बना है।
  2. ज़िले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण की तारीखें पता करें।
  3. गांव की कृषि सखी से संपर्क करें — वे पंजीकरण और ट्रेनिंग में मदद करती हैं।
  4. पंजीकरण के लिए आधार, ज़मीन के कागज़ और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें (राज्य के नियम अलग हो सकते हैं)।

ध्यान दें: योजना के नियम, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है और समय के साथ बदल सकती है। आवेदन से पहले राज्य के कृषि विभाग से पुष्टि ज़रूर करें। किसी को भी पंजीकरण के नाम पर पैसे न दें।

किसानों के सवाल

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन कब शुरू हुआ?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 नवंबर 2024 को इस मिशन को मंज़ूरी दी। बजट 15वें वित्त आयोग की अवधि (2025-26) तक के लिए है।

क्या इस मिशन में किसानों को सीधे पैसे मिलते हैं?

मिशन का मुख्य ध्यान प्रशिक्षण, बायो-इनपुट सेंटर, कृषि सखियों और प्रमाणन पर है। किसानों को मिलने वाली किसी भी प्रोत्साहन राशि की जानकारी राज्य के कृषि विभाग से लें।

कृषि सखी कौन होती है?

कृषि सखी गांव की प्रशिक्षित महिला या सामुदायिक व्यक्ति (CRP) होती हैं, जो किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करती हैं और खेत पर मदद करती हैं।

स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय — Launch of National Mission on Natural Farming (25 नवंबर 2024)। आंकड़े सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार।

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  • सरकारी योजना

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यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। अपनी मिट्टी, फसल और मौसम के अनुसार नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से सलाह ज़रूर लें। किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551

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