कीटनाशक का लाल-पीला निशान क्या है? जहर से बचाव गाइड

कीटनाशक के डिब्बे पर बना रंगीन तिकोन बताता है कि वह कितना जहरीला है। जानिए लक्षण, प्राथमिक उपचार, छिड़काव की सावधानियां और सस्ते विकल्प।

भारतीय किसान क्लब5 मिनट पढ़ें

किसान भाइयों, हर कीटनाशक के डिब्बे पर एक छोटा-सा रंगीन तिकोन (उल्टा त्रिकोण) बना होता है। ज्यादातर किसान इसे ध्यान से नहीं देखते। पर कीटनाशक का प्रयोग करने से पहले इसके बारे में जानना बहुत जरुरी हैं।

यह निशान कानून के तहत जरूरी है और बताता है कि डिब्बे में भरा जहर इंसान के लिए कितना खतरनाक है। इसे पढ़ना आपकी जान बचा सकता है।

रंग का मतलब क्या है?

कीटनाशक अधिनियम 1968 और कीटनाशक नियम 1971 के तहत हर डिब्बे पर यह निशान जरूरी है। त्रिकोण का ऊपरी आधा हिस्सा सफेद होता है और त्रिकोण के नीचे के आधे भाग का का रंग जहर का स्तर बताता है।

रंगजहर का स्तरखतरे का मतलबडिब्बे पर लिखा होता है
🔴 लालअत्यधिक जहरीलाबहुत कम मात्रा भी जानलेवा हो सकती हैखोपड़ी-हड्डी का निशान और “POISON”
🟡 पीलाअधिक जहरीलाथोड़ी मात्रा भी गंभीर नुकसान कर सकती है“POISON”
🔵 नीलामध्यम जहरीलासावधानी जरूरी“DANGER”
🟢 हराकम जहरीलाकम खतरा, पर सुरक्षित नहीं“CAUTION”

वैज्ञानिक भाषा में, लाल लेबल वाले कीटनाशक की सिर्फ 1–50 मिलीग्राम प्रति किलो शरीर भार की मात्रा जानलेवा हो सकती है। हरे लेबल में यह मात्रा 5,000 मिलीग्राम से ज्यादा होती है।

नियम याद रखें: जब भी बाजार से कीटनाशक खरीदने जाय़ें और उस पर लाल या पीला निशान दिखे तो दुकानदार से पूंछे कि क्या कोई कम जहरीला या जैविक विकल्प है ? भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की एक पुस्तिका भी यही सलाह देती है।

सबसे आम खतरा: ऑर्गेनोफॉस्फेट

खेती में इस्तेमाल होने वाले कई तेज कीटनाशक ऑर्गेनोफॉस्फेट समूह के होते हैं। एक मेडिकल अध्ययन के अनुसार भारत में इनके जहर से गंभीर मरीजों में 15–30% की मौत हो जाती है।

ये शरीर में नसों और मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाले एंजाइम को रोक देते हैं। गंभीर मामलों में सांस की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

अच्छी खबर: डॉक्टर खून में स्यूडोकोलिनेस्टरेज (PChE) एंजाइम की जांच से जहर की गंभीरता का अंदाजा लगा सकते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया कि इसका स्तर जितना कम हो, वेंटिलेटर की जरूरत उतनी ही ज्यादा होती है। अभी हाल ही में, राजस्थान के अजमेर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने भी 160 मरीजों पर इसी तरह का अध्ययन किया।

लक्षण: इन्हें नजरअंदाज न करें

खेत में छिड़काव के दौरान या बाद में:

  • तेज सिरदर्द, चक्कर, धुंधला दिखना
  • बहुत पसीना, लार या आंसू
  • उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन
  • मांसपेशियों का फड़कना, कमजोरी
  • सांस लेने में तकलीफ. यह आपात स्थिति है।

प्राथमिक उपचार

  1. व्यक्ति को तुरंत खुली हवा में ले जाएं।
  2. कीटनाशक लगे कपड़े उतारें और त्वचा को साबुन-पानी से धोएं।
  3. आंख में गया हो तो साफ पानी से कम से कम 10–15 मिनट धोएं।
  4. 108 पर एम्बुलेंस बुलाएं और कीटनाशक का डिब्बा या लेबल साथ ले जाएं। लेबल पर इलाज (एंटीडोट) की जानकारी लिखी होती है।
  5. डॉक्टर की सलाह के बिना उल्टी कराने की कोशिश न करें।

कीटनाशक छिड़काव की 10 सावधानियां

  1. लेबल और पर्चा पूरा पढ़ें। लेबल एक कानूनी दस्तावेज है।
  2. दस्ताने, मास्क, चश्मा, जूते और पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  3. हवा की दिशा में छिड़काव करें, उल्टी दिशा में कभी नहीं।
  4. सुबह या शाम को छिड़काव करें, तेज धूप या तेज हवा में नहीं।
  5. छिड़काव के दौरान खाना, पानी, बीड़ी या गुटखा न लें।
  6. मुंह से खींचकर घोल न निकालें और नोजल में फूंक न मारें।
  7. लेबल पर लिखी मात्रा से ज्यादा न डालें और कई दवाइयां मनमर्जी से न मिलाएं।
  8. सिर्फ उतना घोल बनाएं जितना उस दिन लगेगा।
  9. काम के बाद नहाएं और कपड़े अलग धोएं।
  10. खाली डिब्बे कभी पानी या अनाज रखने में इस्तेमाल न करें। उन्हें बच्चों से दूर रखें।

जहर कम करने के सस्ते, जांचे-परखे विकल्प

सबसे सुरक्षित विकल्प वह है जिसमें कीटनाशक की जरूरत ही न पड़े। ये विकल्प कृषि विश्वविद्यालयों और KVK द्वारा सुझाए जाते हैं:

उपायकिस कीट परकैसे इस्तेमाल करें
पीला चिपचिपा ट्रैपसफेद मक्खी, माहू, थ्रिप्स, जैसिडफसल से थोड़ा ऊपर टांगें। बिक्रेता आमतौर पर 25–30 ट्रैप प्रति एकड़ की सलाह देते हैं
फेरोमोन ट्रैपइल्ली वाले पतंगे (हेलिकोवर्पा, फल छेदक)कीट की संख्या पहचानने और सही समय पर कार्रवाई के लिए
ट्राइको कार्ड (ट्राइकोग्रामा)तना छेदक, पत्ता लपेटकएक कार्ड पर लगभग 20,000 परजीवी अंडे। गुजरात कृषि विभाग के अनुसार 3–5 कार्ड प्रति हेक्टेयर
नीमास्त्र और देसी घोलरस चूसने वाले और छोटे कीटकीट-रोग प्रबंधन देखें
T-खूंटियांइल्लियांपक्षियों को खेत में बुलाने के लिए
बीजामृत से बीज उपचारशुरुआती रोगबनाने की विधि

शुरुआत के लिए एक खेत और एक फसल चुनें। ट्रैप से कीट की निगरानी करें और तभी कार्रवाई करें जब सच में जरूरत हो। इससे छिड़काव की संख्या अपने आप घटती है।

सारांश

डिब्बे का लाल या पीला निशान एक चेतावनी है। अगली बार दुकान पर कीटनाशक खरीदने से पहले रंग देखें, कम जहरीले विकल्प पूछें, और इस मौसम कम से कम एक जहर-मुक्त उपाय आजमाएं।

आवश्यक तकनीकी जानकारी के लिये किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 (निःशुल्क) पर कॉल करें तथा आपात स्थिति में 108 पर कॉल करें या नजदीक़ी चिकित्सालय लेकर जायें।


स्रोत

  • कीटनाशक के लेबल का रंग
  • कीटनाशक छिड़काव सावधानियां
  • कीटनाशक जहर की पहचान
  • ट्राइको कार्ड
  • पीला चिपचिपा ट्रैप
  • प्राकृतिक कीट नियंत्रण

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यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। अपनी मिट्टी, फसल और मौसम के अनुसार नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से सलाह ज़रूर लें। किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551

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