संक्षेप में: जब मंडी में टमाटर ₹3–5 किलो बिके, तब उसे सुखाकर कम से कम 6 महीने रखा जा सकता है। 8–14 किलो ताज़े टमाटर से 1 किलो सूखा टमाटर बनता है। खुली धूप में 7–8 दिन, सोलर टनल ड्रायर में करीब 2 दिन। PMFME योजना में 35% (अधिकतम ₹10 लाख) तक का क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान है।
सड़क पर फेंका टमाटर vs पिज़्ज़ा पर सजा टमाटर
हर साल कहीं न कहीं खबर आती है — किसानों ने टमाटर सड़क पर फेंक दिए, क्योंकि मंडी भाव तोड़ाई का खर्च भी नहीं निकाल रहा। उसी समय दुनिया भर में “सन-ड्राइड टोमैटो” तेल में पैक होकर पास्ता, सलाद और पिज़्ज़ा में इस्तेमाल होता है। तुर्की सूखे टमाटर के प्रमुख निर्यातकों में गिना जाता है। राजस्थान जैसे राज्य जहां धूप की कमी नहीं, इस प्रकार के लघु उद्योग की संभावऩाओं पर हमें कार्य करना होगा। सवाल यह है — हम इसे कमाई में कैसे बदलें?
यह आपके लिए क्यों ज़रूरी है
- NABCONS (2022) के अनुसार भारत में टमाटर का लगभग 11.6% हिस्सा कटाई के बाद बर्बाद होता है — फल-सब्जियों में दूसरा सबसे ऊंचा।
- टमाटर के दाम साल भर बहुत अनिश्चित रहते हैं। सस्ते भाव के टमाटर को सुखाकर महंगे समय तक रोकना।
- सूखा उत्पाद हल्का होता है — ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज सस्ता।
सुखाने का विज्ञान (आसान भाषा में)
टमाटर का ज़्यादातर वज़न पानी है — सुखाने में चेरी टमाटर लगभग 88% और बड़े टमाटर 98% तक वज़न खोते हैं। पानी ही फफूंद और बैक्टीरिया का घर है; नमी हटाने से सड़न धीमी हो जाती है। इसीलिए 8–14 किलो ताज़ा टमाटर सिर्फ़ 1 किलो रह जाता है।
रोचक बात: सूखे टमाटर में लाइकोपीन (लाल रंग वाला एंटीऑक्सीडेंट) और पोषक तत्व काफ़ी हद तक बचे रहते हैं। ध्यान रहे: नमक लगाकर सुखाए उत्पाद में 2–6% तक नमक हो सकता है।
खुली धूप vs सोलर ड्रायर vs बिजली ड्रायर

| तरीका | समय (टमाटर) | लागत | फ़ायदा | नुकसान |
|---|---|---|---|---|
| खुली धूप | 7–8 दिन | लगभग शून्य | आसान शुरुआत | धूल, मक्खी, गुणवत्ता कम |
| सोलर टनल ड्रायर | लगभग 2 दिन | 20 किलो मॉडल लगभग ₹15,000 से [2019] | साफ़, तेज़, रंग अच्छा | बादल में धीमा |
| बिजली/हाइब्रिड ड्रायर | घंटों में | ज़्यादा निवेश + बिजली | मौसम पर निर्भर नहीं | छोटे किसान के लिए महंगा |
सोलर ड्रायर ग्रीनहाउस के सिद्धांत पर चलता है: काली सतह हवा गर्म करती है, पंखा गर्म हवा को जालीदार ट्रे पर रखे टुकड़ों से गुज़ारता है और नम हवा बाहर निकलती है। ICAR-CIPHET लुधियाना पोस्ट-हार्वेस्ट तकनीकें विकसित करता है— अपने KVK से डेमो मांगें।
घर पर टमाटर सुखाने की 7-स्टेप विधि

- चुनाव: पके, सख़्त, गूदेदार टमाटर; सड़े अलग करें।
- धुलाई: साफ़ पानी, साफ़ हाथ-बर्तन।
- कटाई: 6–8 मिमी स्लाइस या आधे टुकड़े; एक जैसी मोटाई।
- प्री-ट्रीटमेंट: हल्का नमक या नींबू पानी। व्यावसायिक उत्पादक सल्फर डाइऑक्साइड या नमक का इस्तेमाल करते हैं; प्राकृतिक उत्पाद के लिए नमक/नींबू काफ़ी।
- सुखाना: एक परत में, दिन में एक बार पलटें।
- जांच: चमड़े जैसा लचीला, दबाने पर नमी नहीं; पाउडर के लिए कुरकुरा।
- पैकिंग: ठंडा करके एयरटाइट डिब्बे में; सही सुखाए उत्पाद कम से कम 6 महीने चलते हैं।
यही तरीका भिंडी, मेथी, हरी मिर्च, प्याज़, आंवला पर भी लागू; सूखी सब्ज़ी पाउडर, फ्लेक्स या स्लाइस के रूप में बिकती है।
कमाई के हिसाब का उदाहरण — (अपने आंकड़ों से बदलें)
- 100 किलो टमाटर, मंडी भाव ₹3/किलो = ₹300।
- सुखाने पर लगभग 7–12 किलो सूखा टमाटर (8–14:1 अनुपात)।
- आपके उत्पाद का भाव, उत्पाद की गुणवत्ता और पैकिंग पर निर्भर — बेचने से पहले अपने इलाके का भाव ज़रूर पता करें; कोई तय कमाई का वादा नहीं।
- खर्च जोड़ें: नमक, पैकिंग, लेबल, मज़दूरी, ड्रायर की किस्त।
- इन सबके. बाद अगर आपकों इसमें फायदा हो रहा हैं, तो आप इस की ज्यादा जानकारी प्राप्त करके इसे लागू कर सकते हैं।
सरकारी मदद: PMFME योजना

- व्यक्तिगत इकाई: प्रोजेक्ट लागत पर 35% क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख।
- स्वयं सहायता समूह (SHG): प्रति सदस्य ₹40,000 तक सीड कैपिटल, अधिकतम ₹4 लाख प्रति SHG।
- FPO/सहकारी: साझा सुविधा के लिए 35% तक, अधिकतम ₹3 करोड़; ब्रांडिंग-मार्केटिंग में 50% तक।
- आवेदन: PMFME पोर्टल या ज़िला संसाधन व्यक्ति (DRP)। योजना की वर्तमान अवधि पोर्टल पर जांचें।
- FSSAI: बेचने के लिए खाद्य पंजीकरण ज़रूरी।
चुनौतियाँ
- सूखे टमाटर का बाज़ार भारत में अभी छोटा है — पहले खरीदार ढूंढें।
- नमी रह जाए तो फफूंद पनप सकती है — छोटे बैच से अभ्यास करें।
- ड्रायर खरीदने से पहले क्षमता, पंखे के लिए बिजली/सोलर पैनल और सर्विस की पुष्टि करें।
सार
टमाटर सस्ता हो तो फेंकें नहीं, सुखाएं। छोटे बैच से शुरुआत, सफ़ाई, खरीदार पहले — और बढ़ने पर PMFME की मदद।
शुरुआती कदम: इस हफ़्ते 2 किलो टमाटर घर पर सुखाएं और पास के 2 ढाबों से भाव पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1 किलो सूखा टमाटर बनाने में कितना ताज़ा टमाटर लगता है? लगभग 8 से 14 किलो।
धूप में टमाटर सूखने में कितने दिन लगते हैं? खुली धूप में 7–8 दिन, सोलर ड्रायर में लगभग 2 दिन।
सूखा टमाटर कितने दिन चलता है? सही सुखाकर पैक करने पर कम से कम 6 महीने।
सोलर ड्रायर/प्रोसेसिंग पर सब्सिडी मिलती है? PMFME में 35% (अधिकतम ₹10 लाख); राज्य की योजनाओं के लिए ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें।
सूखा टमाटर कहां बेचें? रेस्टोरेंट, होटल, कैटरर, ऑनलाइन, जैविक स्टोर।
स्रोत (क्लिक करें)
- PMFME योजना पोर्टल — खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
- PMFME योजना का सारांश — सब्सिडी व सीमाएं (Drishti IAS)
- WRI India — Tomato Trail: food loss in Madhya Pradesh
- Sun-dried tomato — अनुपात, समय, पोषण (Wikipedia)
- सोलर टनल ड्रायर — इंदौर (The Better India, 2019)
- ICAR-CIPHET, लुधियाना — पोस्ट-हार्वेस्ट तकनीकें
- FSSAI खाद्य पंजीकरण (FoSCoS)
- इंदौर में टमाटर ₹3–5/किलो (Free Press Journal)



अपना सवाल या अनुभव लिखें