- दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार चित्तौड़गढ़ में अक्टूबर 2026 पिछले 10 साल में दूसरा सबसे गर्म रहा; 22 में से केवल 1 दिन न्यूनतम तापमान 20°C से नीचे गया।
- गेहूं: जल्दबाज़ी न करें। गर्मी में बोने से अंकुरण और पौधे की ताकत घटती है; 25°C पर पौध सबसे मज़बूत रही, 30-35°C पर कमज़ोर।
- पर बहुत देर भी न करें: बुवाई में हर दिन की देरी से गेहूं की पैदावार करीब 58 किलो/हे. घटी, हालाँकि मध्य नवंबर तक नुकसान खास नहीं दिखा।
- सरसों: उदयपुर के प्रयोग में 5 और 20 अक्टूबर की बुवाई सबसे अच्छी रही; नवंबर की बुवाई में पैदावार घटी।
इस साल अक्टूबर में भी दोपहर की धूप चुभ रही है और रातें ठंडी नहीं हो रहीं। ऐसे में हर किसान के मन में एक ही सवाल है: गेहूं और सरसों अभी बोएँ या रुकें? इस लेख में खेत के प्रयोगों के आधार पर सीधा जवाब है।
इस साल क्या अलग है?
स्थानीय आँकड़ों के अनुसार अक्टूबर में रातें सामान्य से गर्म रहीं। अखबार ने भारतीय मौसम विभाग (IMD) के हवाले से बताया कि 23 अक्टूबर से 5 नवंबर तक तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है। समय-समय पर यह पूर्वानुमान IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर ज़रूर जाँचें।
गर्मी में बुवाई से क्या होता है?
2022 में Agriculture पत्रिका में छपे एक प्रयोग में गेहूं के बीज को 20, 25, 30 और 35°C पर उगाया गया।

- 20-25°C पर अंकुरण 30-35°C के बराबर या बेहतर रहा।
- पौध की ताकत (seedling vigour) 25°C पर सबसे ज़्यादा थी और उससे ऊपर घटी।
- तापमान के आधार पर किस्मों में फर्क दिखा। किस्म WH 730, WH 1123, HD 2967 गर्मी सहने वाली निकलीं; जबकि PBW 725, WH 1105 संवेदनशील पायी गईं।
तो किसान भाइयों, अगर दिन का तापमान अभी 30°C से ऊपर है, तो गेहूं की बुवाई कुछ दिन रुककर करें, या कृषि विभाग से सम्पर्क कर गर्मी सहने वाली किस्म चुनें।
देरी की कीमत क्या है?
भारत के पूर्वी गंगा मैदान में हुए अध्ययन (Indian Journal of Agricultural Sciences, 2024) में हर दिन की देरी पर करीब 58 किलो/हे. पैदावार घटी, पर मध्य नवंबर तक का नुकसान सांख्यिकीय रूप से खास नहीं था।
यानि, अक्टूबर के अंत की गर्मी से बचने के लिए 1-2 हफ्ते की देरी ठीक है, पर दिसंबर तक खींचना उपज पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। यह अध्ययन पूर्वी भारत का है, इसलिए अपने क्षेत्र के लिए अपने KVK की तारीखें मानें।
सरसों: अक्टूबर ही सही समय
राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर में एन. एस. सोलंकी और एस. एल. मुंदड़ा के दो साल (2008-10) के प्रयोग में ये नतीजे मिले:

- 5 और 20 अक्टूबर की बुवाई से सबसे ज़्यादा उपज (17.01 क्विंटल/हे.) मिली; 4 और 19 नवंबर की बुवाई कमज़ोर रही।
- वानस्पतिक अवस्था में औसत 21-25.5°C और फूल-दाने के समय 18.7-20.5°C तापमान अच्छी उपज के लिए अनुकूल पाया गया।
- बुवाई के 90-105 दिन बाद औसत तापमान 1°C बढ़ने पर उपज 4 क्विंटल/हे. घटी।
- तीन सिंचाई से बिना सिंचाई की तुलना में 92% अधिक उपज मिली।
और अगर आपने सरसों अभी तक नहीं बोई है तो अक्टूबर के आखिरी दिनों में बो दें; और देर होने पर फूल के समय की गर्मी उपज घटा सकती है।
किसान के लिए 6-बिंदु योजना
- तापमान देखें: मोबाइल पर Meghdoot या मौसम ऐप से अगले 7 दिन का अधिकतम तापमान देखें।
- गेहूं: दिन का तापमान 30°C से नीचे आने पर बोएँ; आमतौर पर नवंबर का पहला पखवाड़ा।
- किस्म: गर्मी सहने वाली किस्म चुनें (ऊपर दी गई सूची) और अपने KVK से पुष्टि करें।
- सरसों: देर न करें; अक्टूबर के अंत तक बुवाई पूरी करें।
- नमी: गर्मी में मिट्टी जल्दी सूखती है, इसलिए पलेवा देकर बोएँ।
- बीज उपचार: गर्म मौसम में मिट्टी के रोग बढ़ते हैं; ट्राइकोडर्मा या बीजामृत से उपचार करें।
आज का 1 काम
मौसम ऐप में अगले 7 दिन का अधिकतम तापमान देखें और लिख लें। सरसों बाकी है तो इसी हफ्ते बोने की तैयारी करें; गेहूं के लिए गर्मी सहने वाली किस्म का बीज अभी से जुटा लें।
कहाँ पूछें
- किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551 (टोल फ्री, हिंदी में बात कर सकते हैं)।
- अपना कृषि विज्ञान केंद्र (KVK): अपने ज़िले के KVK वैज्ञानिक से मिलें या फोन करें।
- कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी: अपनी ग्राम पंचायत या पंचायत समिति के कृषि कार्यालय में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
गेहूं बोने के लिए सही तापमान क्या है?
प्रयोग में 20-25°C पर अंकुरण और पौध की ताकत सबसे अच्छी रही।
गेहूं बोने में देर से कितना नुकसान?
एक अध्ययन में हर दिन की देरी पर करीब 58 किलो/हे.; मध्य नवंबर तक खास नुकसान नहीं दिखा।
सरसों बोने का सबसे अच्छा समय?
उदयपुर के प्रयोग के अनुसार 5 से 20 अक्टूबर। अपने क्षेत्र के लिए अनुकूल समय चुनें या स्थानीय कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।
गर्मी सहने वाली गेहूं किस्में कौन-सी?
परीक्षण में WH 730, WH 1123 और HD 2967 अनुकूल पायी गईं। कई किस्में क्षेत्र विशेष के लिए ही जारी की जाती हैं, इसलिए स्थानीय जलवायु के अनुसार उपयुक्त किस्म के लिए स्थानीय कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।
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स्रोत
- Agriculture (MDPI) – Impact of high temperature on germination of wheat (2022), DOAJ
- Indian Journal of Agricultural Sciences – wheat sowing date study (2024)
- Annals of Agricultural Research – Solanki & Mundra: mustard sowing dates, Udaipur
- भारतीय मौसम विभाग (IMD)
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय – mKisan: किसान कॉल सेंटर



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