- राजस्थान में RKVY योजना के तहत 2026-27 में नैनो यूरिया और नैनो DAP के छिड़काव पर 50% अनुदान मिल रहा है।
- नैनो यूरिया की लागत ₹2,000 प्रति हेक्टेयर तय है, जिसमें ₹1,000/हे. अनुदान है। नैनो DAP की लागत ₹2,900/हे. और अनुदान ₹1,450/हे. है।
- लेकिन पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के दो साल के खेत प्रयोग में नैनो यूरिया से गेहूं की पैदावार 21.6% और धान की 13% घटी।
- शोधकर्ताओं की सलाह: दानेदार यूरिया पूरी तरह बंद न करें। अनुदान लेना है तो पहले खेत के एक छोटे हिस्से में तुलना करके देखें।
सरकार नैनो यूरिया के छिड़काव को बढ़ावा दे रही है और इस पर अनुदान भी दे रही है, पर असली सवाल यह है कि इससे आपकी फसल की पैदावार पर क्या असर पड़ेगा? इस लेख में योजना की पूरी जानकारी भी है और वैज्ञानिक प्रयोगों की सच्चाई भी, ताकि आप सोच-समझकर अपने लिए सही फैसला लें।
योजना क्या है?
राज्य सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत किसानों को नैनो उर्वरक पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इसका उद्देश्य है कि किसान दानेदार यूरिया और DAP की जगह तरल नैनो उर्वरक का पत्तियों पर छिड़काव करें, ताकि पारंपरिक यूरिया व DAP की खपत, सरकारी सब्सिडी का बोझ और मिट्टी-जल प्रदूषण कम हो। इससे किसानों को आधुनिक उर्वरक तकनीक अपनाने का प्रोत्साहन मिलता है, हालांकि शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो उर्वरक पारंपरिक उर्वरकों का पूरा विकल्प नहीं हैं।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नैनो यूरिया | लागत ₹2,000/हे., अनुदान ₹1,000/हे. |
| नैनो DAP | लागत ₹2,900/हे., अनुदान ₹1,450/हे. |
| मात्रा | लगभग 2.5 बोतल प्रति हेक्टेयर |
| क्षेत्र सीमा | प्रति किसान 0.4 से 10 हेक्टेयर |
| समूह | कम से कम 10 किसानों का क्लस्टर |
| छिड़काव | ट्रैक्टर स्प्रेयर, बैटरी स्प्रेयर या ड्रोन से |
| भुगतान | भौतिक सत्यापन के बाद DBT से खाते में |
| रबी फसलें | गेहूं, जौ, सरसों, चना, जीरा |
नैनो यूरिया है क्या?
इफको (IFFCO) ने जून 2021 में इसे बाज़ार में उतारा। 500 मि.ली. की एक बोतल में 40,000 मि.ग्रा./लीटर नाइट्रोजन होती है। कंपनी का दावा है कि एक बोतल एक बोरी यूरिया का काम करती है।

वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
1. PAU, लुधियाना का खेत प्रयोग
डॉ. राजीव सिक्का और डॉ. अनु कालिया ने 2020-22 में दो साल तक खेत में प्रयोग किया। नतीजे:

- गेहूं की पैदावार 21.6% और धान की 13% कम हुई।
- दाने में नाइट्रोजन (प्रोटीन) गेहूं में 11.5% और धान में 17% कम रहा।
- जड़ों का वज़न कम हुआ।
- प्रति किलो नाइट्रोजन का खर्च दानेदार यूरिया से लगभग 10 गुना रहा।
- वैज्ञानिकों ने 5-7 साल और परीक्षण की सलाह दी।
2. कोपेनहेगन विश्वविद्यालय का विश्लेषण
मैक्स फ्रैंक और सोरेन हस्टेड ने जुलाई 2023 में Plant and Soil पत्रिका में लिखा कि एक बोतल में करीब 20 ग्राम नाइट्रोजन होती है, जबकि एक बोरी (45 किलो) यूरिया में करीब 21 किलो। यानी दावा सच होने के लिए नैनो यूरिया को लगभग 1,000 गुना ज़्यादा कारगर होना चाहिए, जो वैज्ञानिक रूप से असंभव लगता है।
3. किसान के लिए निष्कर्ष
नैनो यूरिया पत्तियों पर एक “पूरक” खुराक के रूप में काम कर सकता है, पर पूरी नाइट्रोजन ज़रूरत का विकल्प होने का ठोस सबूत अभी नहीं है। अनुदान से लागत घटती है, पर अगर पैदावार घटे तो घाटा अनुदान से बड़ा हो सकता है।
तो किसान क्या करे?
- बुवाई के समय की खुराक न छोड़ें: बेसल यूरिया/DAP या गोबर खाद सामान्य रूप से दें।
- तुलना वाला प्लॉट बनाएं: खेत में बाकी सभी आदान (बीज, सिंचाई, खाद) और हालात एक जैसे रखते हुए एक हिस्से में नैनो यूरिया और बाकी में सामान्य यूरिया का प्रयोग करें। कटाई पर दोनों हिस्सों की उपज की तुलना करके देखें।
- छिड़काव का समय: फसल में पर्याप्त पत्तियाँ आने पर, सुबह या शाम, साफ मौसम में।
- कागज़ संभालें: अनुदान हेतु बिल और छिड़काव का फोटो रखें, क्योंकि भुगतान सत्यापन के बाद होगा।
- आवेदन: नज़दीकी कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क करें। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है या नहीं, यह अपने ज़िले के कृषि कार्यालय से पुष्टि करें।
आज का 1 काम
अपने गाँव के कृषि पर्यवेक्षक से पूछें कि आपके क्षेत्र में किसानों का क्लस्टर बन रहा है या नहीं, और खेत का कौन-सा छोटा हिस्सा आप तुलना के लिए रखेंगे, वह आज ही तय कर लें।
कहाँ पूछें
- किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551 (टोल फ्री, हिंदी में बात कर सकते हैं)।
- अपना कृषि विज्ञान केंद्र (KVK): अपने ज़िले के KVK वैज्ञानिक से मिलें या फोन करें।
- कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी: अपनी ग्राम पंचायत या पंचायत समिति के कृषि कार्यालय में।
सीमाएँ और सावधानी
- PAU का प्रयोग पंजाब की मिट्टी में गेहूं-धान पर था; राजस्थान की दूसरी फसलों जैसे सरसों या जीरे पर परिणाम अलग हो सकते हैं।
- इफको और सरकार के अपने परीक्षण बेहतर नतीजे दिखाते हैं, इसलिए पहले सीमित क्षेत्र में प्रयोग करके खुद जाँच लें।
- अनुदान की राशि और शर्तें ज़िले के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए अपने कृषि अधिकारी से पुष्टि करें।
- प्रति एकड़ फसल की पोषक तत्वों की असली ज़रूरत, हर उर्वरक विकल्प से मिलने वाली उपज, अपनी कुल लागत और सरकारी सब्सिडी, इन सबकी तुलना करने के बाद ही अपने लिए सही विकल्प चुनें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या नैनो यूरिया से पूरा दानेदार यूरिया बंद कर सकते हैं?
अभी इसका ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है। PAU प्रयोग में पूरी तरह बदलने पर पैदावार घटी।
अनुदान कितना मिलेगा?
नैनो यूरिया पर ₹1,000/हे. और नैनो DAP पर ₹1,450/हे.।
अकेला किसान आवेदन कर सकता है?
योजना कम से कम 10 किसानों के क्लस्टर में लागू होती है।
कौन-सी फसलें शामिल हैं?
रबी में गेहूं, जौ, सरसों, चना और जीरा।
पैसा कब मिलेगा?
छिड़काव के भौतिक सत्यापन के बाद DBT से सीधे खाते में।
स्रोत
- प्रातःकाल, भीलवाड़ा – नैनो उर्वरक अनुदान योजना (2026)
- Drishti IAS – Efficacy of Liquid Nano Urea
- Down To Earth – PAU field experiment finds problems with nano urea (2024)
- Down To Earth – Frank & Husted, Plant and Soil: no scientifically proven effects of nano urea (2023)
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय – mKisan: किसान कॉल सेंटर

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