एक नज़र में
- 14567 पर फ़ोन करके बुज़ुर्ग मुफ़्त जानकारी, सलाह और शिकायत-मदद ले सकते हैं। यह भारत सरकार की राष्ट्रीय हेल्पलाइन “एल्डरलाइन” है, जो सुबह 8 से रात 8 बजे, सातों दिन चलती है [3]।
- 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के हर बुज़ुर्ग को आयुष्मान वय वंदना कार्ड मिल सकता है। इसमें आमदनी की कोई शर्त नहीं है और साल में ₹5 लाख तक का अस्पताल इलाज मुफ़्त होता है [5]।
- अगर बच्चे माता-पिता का खर्च न उठाएँ, तो माता-पिता SDM स्तर के भरण-पोषण अधिकरण (ट्रिब्यूनल) में अर्ज़ी दे सकते हैं। वहाँ से हर महीने अधिकतम ₹10,000 तक का खर्च दिलवाया जा सकता है [15]।
- सबसे ज़रूरी बात: माँ-बाप के घर की दीवार पर आज ही एक “इमरजेंसी पर्ची” चिपकाएँ। उस पर 3 फ़ोन नंबर, दवाइयों के नाम और पड़ोसी का नंबर लिखा हो।
बेटा शहर में, माँ-बाप गाँव में: यह अब हर दूसरे घर की कहानी है
भीलवाड़ा का बेटा सूरत की फ़ैक्ट्री में काम करता है। चित्तौड़ की बेटी जयपुर में नर्स है। गाँव में माँ-बाप अकेले रहते हैं, खेत और पशु सँभालते हैं। रात को पिताजी का BP बढ़ जाए या माँ आँगन में फिसल जाए, तो सबसे पहले कौन पहुँचेगा? गाँवों में तो फिर भी लोग एक-दूसरे की सार-सँभाल कर लेते हैं, शहरों में हालात और भी बुरे हैं। यह डर सिर्फ़ आपका नहीं, देश के लाखों परिवारों का है (आँकड़े नीचे देखें)।
अच्छी बात यह है कि सरकार की कुछ योजनाएँ ठीक इसी तरह के हालात के लिए बनी हैं। बस परिवार को उनकी जानकारी होनी चाहिए और कागज़ तैयार रखने चाहिए।
6 सरकारी सहारे: एक नज़र में
(सभी सरकारी पेज 2 नवंबर 2026 को देखे गए)

| सहारा | किसके लिए | क्या मिलता है | कहाँ/कैसे |
|---|---|---|---|
| एल्डरलाइन 14567 | सभी बुज़ुर्ग | जानकारी, सलाह, भावनात्मक सहारा, शिकायत में मदद | फ़ोन 14567, मुफ़्त |
| आयुष्मान वय वंदना कार्ड | 70+ (आमदनी की शर्त नहीं) | ₹5 लाख/साल तक अस्पताल इलाज | आयुष्मान ऐप / beneficiary.nha.gov.in / सूचीबद्ध अस्पताल |
| वृद्धावस्था पेंशन (NSAP + राजस्थान) | गरीब/कम आमदनी वाले बुज़ुर्ग | हर महीने पेंशन, सीधे बैंक में | ई-मित्र, ssp.rajasthan.gov.in |
| भरण-पोषण कानून 2007 | 60+ बुज़ुर्ग और माता-पिता | बच्चों से हर महीने खर्च, अधिकतम ₹10,000 | SDM का भरण-पोषण अधिकरण |
| राष्ट्रीय वयोश्री योजना | 60+, आमदनी ₹15,000/माह तक | छड़ी, चश्मा, कान की मशीन, व्हीलचेयर आदि मुफ़्त | ALIMCO कैंप, समाज कल्याण कार्यालय |
| 112 और आयुष्मान आरोग्य मंदिर | सभी | आपात मदद; BP-शुगर की जाँच | 112 पर कॉल; नज़दीकी उप-स्वास्थ्य केंद्र/PHC |
1. एल्डरलाइन 14567: बुज़ुर्गों की अपनी हेल्पलाइन
यह हेल्पलाइन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय चलाता है। इस पर बुज़ुर्गों की शिकायतें सुनी जाती हैं। साथ ही भरण-पोषण कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है [3]। ज़रूरत पड़ने पर हर राज्य का केंद्र पुलिस, अस्पताल, कानूनी सहायता और समाज कल्याण विभाग से संपर्क करवाता है। यह हेल्पलाइन सीधे पैसे नहीं देती [4]।
कब काम आती है: पेंशन रुक जाए, बच्चे या रिश्तेदार परेशान करें, अकेलापन बहुत बढ़ जाए, या किसी योजना का फ़ॉर्म समझ न आए।
2. आयुष्मान वय वंदना कार्ड: 70 के बाद ₹5 लाख का इलाज
सितंबर 2024 में केंद्र सरकार ने तय किया कि 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र का हर बुज़ुर्ग आयुष्मान भारत (AB PM-JAY) में शामिल होगा, चाहे उसकी आमदनी कितनी भी हो [5]। इसके नियम इस तरह हैं:
- अगर परिवार पहले से आयुष्मान में है, तो बुज़ुर्ग को अपने लिए अलग से ₹5 लाख/साल का टॉप-अप मिलता है। यह राशि परिवार के 70 से कम उम्र वाले सदस्यों के साथ नहीं बँटती [5]।
- निजी बीमा या ESI वाले बुज़ुर्ग भी यह कार्ड बनवा सकते हैं। CGHS, ECHS और CAPF वालों को अपनी पुरानी योजना और आयुष्मान में से एक चुननी होती है [5]।
- कार्ड कैसे बनवाएँ: आयुष्मान ऐप (Google Play) से, beneficiary.nha.gov.in पर, या नज़दीकी सूचीबद्ध अस्पताल में जाकर। मदद के लिए 14555 पर कॉल करें या 1800110770 पर मिस्ड कॉल दें [6]।
- 31 दिसंबर 2025 तक देश में 96.73 लाख से ज़्यादा वय वंदना कार्ड बन चुके थे [7]।
ध्यान दें: यह योजना सिर्फ़ अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले इलाज के लिए है। रोज़ की OPD दवाइयाँ इसमें शामिल नहीं हैं [8]।
3. वृद्धावस्था पेंशन: केंद्र और राजस्थान
केंद्र की योजना (IGNOAPS): गरीबी रेखा (BPL) वाले परिवारों के 60 साल से ऊपर के बुज़ुर्गों के लिए है। केंद्र 60 से 79 साल वालों को ₹200 महीना और 80 साल से ऊपर वालों को ₹500 महीना देता है। राज्य इसमें अपनी तरफ़ से और पैसा जोड़ते हैं [9]। अगस्त 2025 में संसद में सरकार ने बताया कि केंद्र की यह राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव अभी विचार में नहीं है [10]।
राजस्थान (मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन): यह पेंशन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के SSP पोर्टल से मिलती है [11]।
- राशि: अप्रैल 2024 से पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,150 की गई थी [12]। मार्च 2026 की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य बजट 2026-27 में इसे ₹1,450 महीना किया गया है [13]। नई दर किस तारीख से लागू हुई और 75 साल से ऊपर वालों के लिए अलग दर है या नहीं, यह अपने ई-मित्र या SSP हेल्पडेस्क से पुष्टि करें।
- पात्रता: एक निजी गाइड के अनुसार महिला की उम्र 55 साल और पुरुष की 58 साल से ज़्यादा होनी चाहिए, और पति-पत्नी की कुल सालाना आमदनी ₹48,000 से कम होनी चाहिए। BPL, अंत्योदय और आस्था कार्ड वालों पर आमदनी की यह शर्त लागू नहीं होती [14]। ये शर्तें अपने ई-मित्र या पंचायत समिति से पुष्टि करें।
- कैसे आवेदन करें: जन आधार, आधार, बैंक पासबुक और आय प्रमाण लेकर ई-मित्र पर जाएँ, या ग्राम पंचायत/पंचायत समिति में आवेदन करें [14]।
- हर साल सत्यापन ज़रूरी है: पेंशन लेने वालों को हर साल भौतिक सत्यापन करवाना होता है। यह ई-मित्र की बायोमेट्रिक मशीन से, विभाग के मोबाइल ऐप से, या आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP से हो सकता है। जो समय पर सत्यापन नहीं करवाते, उनकी पेंशन रोक दी जाती है; 2025 में इसकी आखिरी तारीख 15 जुलाई रखी गई थी [24]। इस साल की तारीख अपने ई-मित्र से पुष्टि करें।
4. भरण-पोषण कानून 2007: जब अपने ही मुँह मोड़ लें
“माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” के मुख्य नियम ये हैं [15]:
- माता-पिता या 60 साल से ऊपर का बुज़ुर्ग खुद अर्ज़ी दे सकता है। अगर वह खुद न जा सके, तो उसका अधिकृत व्यक्ति या कोई संस्था उसकी तरफ़ से अर्ज़ी दे सकती है।
- सुनवाई SDM या उससे ऊँचे अधिकारी का अधिकरण करता है। वहाँ वकील नहीं लाया जा सकता। ज़रूरत हो तो सरकार का भरण-पोषण अधिकारी माता-पिता की तरफ़ से बात रख सकता है।
- अधिकरण हर महीने अधिकतम ₹10,000 का खर्च दिलवा सकता है। अंतरिम खर्च की अर्ज़ी पर 90 दिन में फ़ैसला होना चाहिए। खास हालात में यह समय 30 दिन और बढ़ सकता है।
- मान लीजिए किसी ने इस शर्त पर ज़मीन या मकान लिया था कि वह बुज़ुर्ग की देखभाल करेगा, और फिर देखभाल नहीं की। ऐसे में बुज़ुर्ग की अर्ज़ी पर वह हस्तांतरण रद्द हो सकता है।
- बुज़ुर्ग को जानबूझकर छोड़ देना अपराध है। इसकी सज़ा 3 महीने तक की जेल या ₹5,000 तक का जुर्माना, या दोनों है।
कानून में बदलाव की स्थिति: 2019 में एक संशोधन बिल लाया गया था, जिसमें ₹10,000 की सीमा हटाने जैसे प्रस्ताव थे [16]। दिसंबर 2025 में मंत्री ने संसद में बताया कि लोकसभा भंग होने के साथ वह बिल खत्म हो गया [17]। इसलिए अभी 2007 वाला कानून ही लागू है।
5. राष्ट्रीय वयोश्री योजना: छड़ी, चश्मा, कान की मशीन मुफ़्त
यह योजना 60 साल से ऊपर के उन बुज़ुर्गों के लिए है जिनकी महीने की आमदनी ₹15,000 या उससे कम है। आमदनी का सबूत ज़िला प्रशासन का आय प्रमाण-पत्र, BPL राशन कार्ड या पेंशन मिलने का प्रमाण हो सकता है [18]।
- क्या मिलता है: चलने की छड़ी, बैसाखी, वॉकर, कान की मशीन, चश्मा, नकली दाँत, व्हीलचेयर आदि [19]।
- कैसे मिलता है: ALIMCO के कैंप में जाँच होती है और वहीं सामान मिलता है। कैंप की जानकारी ज़िला समाज कल्याण अधिकारी से मिलती है, या ALIMCO की टोल-फ़्री लाइन 1800-180-5129 पर फ़ोन करें [20]।
- कागज़: आधार, आय प्रमाण और 2 फ़ोटो [18]।
6. 112 और गाँव के आरोग्य मंदिर
- 112: यह एक ही नंबर है जिस पर पुलिस (पहले 100), फ़ायर (101) और एम्बुलेंस (108) की मदद मिलती है। स्मार्टफ़ोन का पावर बटन 3 बार दबाने पर SOS संदेश चला जाता है। “112 India” ऐप भी है [21]। पावर बटन वाला तरीका हर फ़ोन में काम करे, यह ज़रूरी नहीं; इसे पहले आज़माकर देख लें।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 30 साल से ऊपर के हर व्यक्ति के लिए BP, शुगर और मुँह, स्तन व बच्चेदानी के मुँह के कैंसर की जाँच की व्यवस्था है [22]। गाँव के माँ-बाप की हर 6 महीने में BP-शुगर की जाँच करवाने का यह सबसे आसान रास्ता है।
आँकड़े क्या कहते हैं
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 कहती है कि 2050 तक भारत की 20% से ज़्यादा आबादी 60 साल से ऊपर होगी, यानी लगभग हर 5 में से 1 व्यक्ति [1]। इसी रिपोर्ट के अनुसार 40% से ज़्यादा बुज़ुर्ग सबसे गरीब तबके में आते हैं और लगभग 18.7% की अपनी कोई आमदनी नहीं है [1]।
नीति आयोग की 2024 की रिपोर्ट “Senior Care Reforms in India” के अनुसार 78% बुज़ुर्गों को कोई पेंशन नहीं मिलती और करीब 6% बुज़ुर्ग अकेले रहते हैं। महिलाओं में यह हिस्सा 9% है [2]। (रिपोर्ट 78% वाले आँकड़े का स्रोत एक जगह LASI सर्वे बताती है और दूसरी जगह HelpAge India।)
परिवार की 15 मिनट की सुरक्षा-योजना (स्क्रीनशॉट लें)
अगली बार घर जाएँ, या वीडियो कॉल पर, ये काम एक साथ कर लें:

- दीवार पर इमरजेंसी पर्ची चिपकाएँ: मोटे अक्षरों में बेटे-बेटी का नंबर, पड़ोसी का नंबर, 112, 14567, नज़दीकी अस्पताल का नाम और ब्लड ग्रुप लिखें।
- एक पड़ोसी को ज़िम्मेदारी दें: उनसे कहें कि अगर सुबह 9 बजे तक माँ-बाप दिखाई न दें, तो एक बार घर देख लें। उनका नंबर अपने फ़ोन में सेव कर लें।
- दवाइयों की सूची बनाएँ: हर दवा का नाम, कितनी लेनी है और कब लेनी है, कागज़ पर लिखें। इस कागज़ की फ़ोटो अपने फ़ोन में भी रखें।
- फ़ोन तैयार करें: माँ-बाप के फ़ोन में स्पीड-डायल 1 पर बेटा, 2 पर बेटी और 3 पर पड़ोसी सेट करें। फ़ोन हमेशा चार्ज रहे, इसकी आदत डलवाएँ।
- कागज़ों की एक फ़ाइल बनाएँ: आधार, जन आधार, बैंक पासबुक, पेंशन PPO, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड की फ़ोटोकॉपी एक थैली में रखें। फ़ोटो अपने फ़ोन में भी रखें।
- फ़ोन का समय तय करें: रोज़ एक तय समय पर 2 मिनट बात करें। महीने में एक बार ये 3 सवाल ज़रूर पूछें: “दवा खत्म तो नहीं? पेंशन आई? कोई परेशान तो नहीं करता?”
- घर में गिरने से बचाव करें: बाथरूम में रबर की चटाई बिछाएँ, रात को रास्ते में छोटा बल्ब जलता रहे, ढीली दरी हटा दें, और सीढ़ी या चौकी के पास पकड़ने की रस्सी या रेलिंग लगवाएँ।
आज का 1 काम
आज माँ-बाप को फ़ोन करें और पूछें कि इस साल पेंशन का वार्षिक सत्यापन हुआ या नहीं। अगर 70 साल से ऊपर हैं, तो यह भी पूछें कि वय वंदना कार्ड बना या नहीं। जो काम बाकी हो, उसके लिए इसी हफ़्ते गाँव के ई-मित्र पर जाने का दिन तय कर दें।
कहाँ पूछें
- एल्डरलाइन: 14567 (सुबह 8 से रात 8, सातों दिन) [3]
- आयुष्मान/वय वंदना: 14555, या 1800110770 पर मिस्ड कॉल; beneficiary.nha.gov.in [6]
- राजस्थान पेंशन हेल्पडेस्क: 0141-5111007, 0141-5111010, 0141-2740637; ssp.rajasthan.gov.in [11]
- वयोश्री (ALIMCO): 1800-180-5129 [20]
- आपात स्थिति: 112
- गाँव में: ई-मित्र, ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत समिति (BDO), तहसील, SDM कार्यालय (भरण-पोषण अधिकरण), नज़दीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर या PHC
सीमाएँ
- योजनाओं की राशि और शर्तें बदलती रहती हैं। ऊपर दी गई जानकारी 2 नवंबर 2026 तक देखे गए पेजों पर आधारित है।
- राजस्थान पेंशन की मौजूदा राशि और पात्रता हम सरकारी आदेश से पक्की नहीं कर पाए। आवेदन से पहले अपने ई-मित्र या SSP हेल्पडेस्क से पुष्टि करें।
- आधार, जन आधार या बैंक की जानकारी आपस में मेल न खाए, तो पेंशन रुक सकती है। 2024 की एक रिपोर्ट में ऐसे मामले भी आए जिनमें ज़िंदा पेंशनधारी को रिकॉर्ड में मृत दिखा दिया गया [23]। पेंशन रुके तो रिकॉर्ड जँचवाएँ।
- वय वंदना कार्ड से सिर्फ़ सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने वाला इलाज मिलता है। हर अस्पताल और हर इलाज इसमें शामिल नहीं है।
- यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं है। भरण-पोषण या संपत्ति के मामले में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण या किसी जानकार से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वय वंदना कार्ड के लिए आमदनी या BPL कार्ड चाहिए?
नहीं। 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र का हर नागरिक इसे बनवा सकता है [5]।
माँ 72 की हैं और पापा 68 के, तो क्या दोनों को ₹5 लाख अलग-अलग मिलेगा?
वय वंदना का टॉप-अप सिर्फ़ 70+ वाले सदस्य के लिए है, और यह 70 से कम उम्र वालों के साथ नहीं बँटता [5]। पापा 70 के होने पर अपना कार्ड बनवा सकेंगे। दोनों 70+ हों तो राशि कैसे बँटेगी, यह 14555 पर पुष्टि करें।
बेटा खर्च न दे तो क्या करें?
SDM के भरण-पोषण अधिकरण में अर्ज़ी दें। वहाँ हर महीने अधिकतम ₹10,000 का खर्च तय हो सकता है और वकील की ज़रूरत नहीं है [15]।
मुफ़्त कान की मशीन या छड़ी कैसे मिलेगी?
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के ALIMCO कैंप में मिलती है। 60+ उम्र, ₹15,000/माह तक आमदनी और आधार ज़रूरी है [18]।
केंद्र की वृद्धावस्था पेंशन कितनी है?
60 से 79 साल वालों को ₹200 और 80+ वालों को ₹500 महीना। इसके ऊपर राज्य अपना हिस्सा जोड़ता है [9]।
पेंशन अचानक रुक गई, क्या करें?
सबसे पहले देखें कि वार्षिक सत्यापन हुआ या नहीं [24]। फिर ई-मित्र पर स्टेटस देखें, या SSP हेल्पडेस्क और 14567 पर फ़ोन करें।
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स्रोत
- UNFPA India – India Ageing Report 2023
- NITI Aayog – Senior Care Reforms in India (Feb 2024)
- PIB, MoSJE – Schemes for senior citizens incl. Elderline (Dec 2022)
- SuperKalam – Elderline 14567 summary of PIB (Sep 2026)
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