- गिरदावरी सरकारी रिकॉर्ड है कि आपके खसरे में इस मौसम कौन-सी फसल बोई गई। फसल बीमा, आपदा राहत और किसान कल्याण योजनाओं में यही आंकड़ा काम आता है। [1]
- राजस्थान में खरीफ संवत 2083 का डिजिटल क्रॉप सर्वे 1 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026 तक चला। [3]
- अपनी गिरदावरी आप मुफ्त में “अपना खाता” पोर्टल के “गिरदावरी विवरण” में देख सकते हैं। [4]
- सीख: दावा या पंजीकरण के समय गलती पकड़ में आए, उससे पहले अभी देख लें। गलती दिखे तो तुरंत पटवारी और तहसील से मिलें।
मौसम खत्म, पर अभी आपका काम है बाकी: जानें क्यों?
किसान भाइयों, खरीफ की फसल कट रही है। सबका ध्यान मंडी और रबी की बुवाई पर है। लेकिन एक छोटा-सा काम बहुत किसान भूल जाते हैं, और वो है: सरकारी कागज़ में मेरे खेत में कौन-सी फसल लिखी गई है, इसकी जांच करना।
मान लीजिए आपने मूंगफली बोई, पर रिकॉर्ड में “पड़त” या कोई दूसरी फसल लिख दी गई। फिर बीमा क्लेम, खराबे का मुआवज़ा या समर्थन मूल्य पर बिक्री के पंजीकरण में दिक्कत आ सकती है। इसलिए गिरदावरी जांचना 10 मिनट का काम है, पर इसका फायदा पूरे साल मिलता है।
एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार खरीफ गिरदावरी लगभग 99.47% पूरी हो चुकी है, और राजस्व मंडल अब रिपोर्ट तैयार कर रहा है। यह आंकड़ा हमें किसी सरकारी पोर्टल या प्रेस नोट में नहीं मिला, पर इतना साफ है कि रिकॉर्ड अब पक्का होने की ओर है। तो गिरदावरी जांचने का यही सही समय है।
गिरदावरी क्या है और डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या बदलता है?
गिरदावरी में हर खसरे (खेत के टुकड़े) के लिए दर्ज होता है कि उस मौसम में वहां क्या बोया गया और कितने रकबे में। पहले यह काम पटवारी कागज़ पर करते थे। आज के डिजिटल युग में यह काम मोबाइल ऐप से होता है।
केंद्र सरकार के एग्रीस्टैक में तीन हिस्से हैं: किसान रजिस्ट्री, गांव के डिजिटल नक्शे और “बोई गई फसल की रजिस्ट्री” (क्रॉप सोन रजिस्ट्री)। [8] डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) मोबाइल से सीधे खेत पर जाकर फसल का ब्योरा दर्ज करता है, ताकि हर खेत की फसल का सही और ताज़ा रकबा मिले। [7] केंद्र की योजना खरीफ 2025 से सभी राज्यों में DCS करने की थी। [9]
राजस्थान में खरीफ (2026-27) के लिए:
- 41 जिले, 424 ऑनलाइन तहसीलें, 50,456 राजस्व गांव और 4.62 करोड़ से ज़्यादा खसरे शामिल थे। इनमें करीब 2.86 करोड़ खेती वाले खसरे DCS में थे। [1] [2]
- पटवारी और निजी सर्वेयर “राज खसरा गिरदावरी” ऐप से सर्वे करते हैं। किसान अपने फोन पर “राज किसान गिरदावरी” ऐप से खुद भी फसल दर्ज कर सकते हैं।
- फोटो खसरे की सीमा के 20 मीटर के भीतर से, जियो-टैग के साथ लेनी होती है।
- पहली बार AI से जांच हुई, जो गलत या अनुपयुक्त फोटो और फसल-ब्योरे की गड़बड़ी को चिह्नित करती है। [1]
इस साल इस प्रयोग को अपनाने का रास्ता आसान नहीं रहा। ऐप की तकनीकी दिक्कतों पर पटवारियों ने कई दिन तक गिरदावरी का बहिष्कार किया। राजस्व विभाग ने 25 अगस्त 2026 को पुराना आदेश वापस लिया और नई SOP की बात कही। उसके बाद पटवारी काम पर लौटे। [12] जल्दबाज़ी में हुए सर्वे में गलती की गुंजाइश रहती है, इसलिए खुद जांचना और ज़रूरी है।
गिरदावरी का असर: कहाँ-कहाँ काम आती है
| काम | गिरदावरी की भूमिका |
|---|---|
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना | DCS के आंकड़े बीमा में उपयोग होते हैं; सही रकबा और उपज के आंकड़े दावों में पारदर्शिता लाते हैं। राज्य के भूमि रिकॉर्ड बीमा पोर्टल (NCIP) से जोड़े जा रहे हैं। [1] [18] |
| आपदा राहत (कृषि आदान अनुदान) | खरीफ 2025 में अतिवृष्टि से 33% से ज़्यादा खराबे पर करीब 7.63 लाख किसानों को SDRF से अनुदान मंज़ूर हुआ, और यह नुकसान गिरदावरी से आंका गया था। [10] |
| समर्थन मूल्य (MSP) पर बिक्री | सरसों-चना के पंजीकरण में गिरदावरी, पासबुक और फॉर्म अपलोड करने पड़े (ई-मित्र से)। [11] |
| फसल ऋण / KCC | एग्रीस्टैक से फसल ऋण आसान करने का लक्ष्य है। [8] फसल ऋण के समय बैंक गिरदावरी की नकल मांग सकते हैं, इस हेतु अपने बैंक से पुष्टि करें। |
| किसान योजनाएं, एग्रीस्टैक रजिस्ट्री | फसल का रिकॉर्ड योजनाओं तक पहुंच और किसान रजिस्ट्री में मदद करता है। [3] |

ध्यान दें: MSP वाली जानकारी रबी 2026 की खरीद की है। खरीफ फसलों (जैसे मूंग, मूंगफली, उड़द) के पंजीकरण में कौन-से दस्तावेज़ लगेंगे, यह खरीद एजेंसी की उस साल की सूचना से ही पक्का करें।
आंकड़े क्या बताते हैं: किसान खुद कितना आगे आए?
सरकार ने लक्ष्य रखा था कि हर ग्राम पंचायत में लक्षित खसरों में से कम से कम 25% की गिरदावरी किसान खुद ऐप से करें। [3] पिछले साल सितंबर तक किसानों ने 10 लाख से ज़्यादा खसरों की गिरदावरी खुद की थी। [15]
परन्तु इस साल तस्वीर कुछ अलग प्रतीत होती है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार DCS का करीब 63.7% काम पटवारियों ने, 34.6% सर्वेयरों ने और सिर्फ 1.44% किसानों ने ऐप से किया; यह आधिकारिक आंकड़ा हमें नहीं मिला। अगर यह सही है, तो ज़्यादातर किसानों की फसल किसी और ने दर्ज की है। ऐसे में उसे एक बार खुद देख लेना ही समझदारी है।
ज़मीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में गलतियां पहले भी सामने आई हैं: गलत खसरा नंबर, गलत सीमा, जमाबंदी और नक्शे में अंतर। कई जिलों में किसान इनमें सुधार के लिए SDM कोर्ट तक जा रहे हैं, और सुनवाई में महीनों लग रहे हैं। [13] जल्दी पकड़ी गई गलती जल्दी सुधरती है।
अपनी गिरदावरी ऑनलाइन कैसे देखें: 6 आसान चरण
- मोबाइल में apnakhata.rajasthan.gov.in खोलें। यह राजस्थान सरकार का “अपना खाता” (ई-धरती) पोर्टल है। [4]
- मेन्यू में “गिरदावरी विवरण” चुनें। यह लिंक webgirdawari.rajasthan.gov.in पर खुलता है। [5]
- ज़िला, तहसील और गांव चुनें, फिर खसरा नंबर डालें (पोर्टल पर दिखने वाले विकल्प के अनुसार)।
- देखें कि संवत 2083 खरीफ में आपकी फसल का नाम, रकबा, सिंचित/असिंचित और काश्तकार का नाम सही है या नहीं।
- साथ में “जमाबंदी नकल” भी देख लें कि खसरा और खाता आपके नाम से सही जुड़ा है।
- स्क्रीन का फोटो (स्क्रीनशॉट) रख लें। पोर्टल के अनुसार सभी प्रतियां निःशुल्क हैं। प्रमाणित प्रति चाहिए तो निर्धारित कियोस्क (ई-मित्र) पर आवेदन करें। [4]

खुद गिरदावरी का ऐप: “Kisan Girdawari” ऐप (DoIT&C, राजस्थान सरकार) गूगल प्ले स्टोर पर है। इसके 10 लाख से ज़्यादा डाउनलोड हैं। [6] इसका लिंक अपना खाता पोर्टल पर “डाउनलोड गिरदावरी ऐप” में भी है। ऐप सिर्फ इसी लिंक से डाउनलोड करें, किसी अनजान लिंक से नहीं।
फसल गलत दर्ज हो तो क्या करें?
- पहले पटवारी से मिलें। अपना खसरा नंबर, स्क्रीनशॉट और खेत में खड़ी/कटी फसल का फोटो दिखाएं।
- लिखित आवेदन तहसील कार्यालय में दें, और उसकी प्राप्ति (रसीद) ज़रूर लें। इस सर्वे की निगरानी SDM और तहसीलदार की ज़िम्मेदारी है। [1]
- ज़्यादा पुरानी या बड़ी गलती (खसरा, नाम, बंटवारा) के लिए राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 में “त्रुटियों का सुधार” नाम की धारा 136 है। [14] किसान ऐसे दावे SDM के यहां दायर कर रहे हैं। गिरदावरी की फसल-प्रविष्टि सुधारने की तय प्रक्रिया का कोई आधिकारिक आदेश हमें नहीं मिला, इसलिए अपने तहसील कार्यालय से पुष्टि करें।
- बीमा वाले किसान अपने बैंक या बीमा कंपनी को भी लिखित में बताएं, ताकि दावे के समय रिकॉर्ड का अंतर अड़चन न बने।
आज का 1 काम
आज शाम अपना खसरा नंबर लेकर अपना खाता पोर्टल पर “गिरदावरी विवरण” खोलें, खरीफ की फसल जांचें और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। अपने साथ-साथ पड़ोस के बुज़ुर्ग किसान की गिरदावरी भी देखें, उन्हें इसके बारे में बताएँ और पूरी बात समझाएँ।
कहाँ पूछें
- पटवारी / गिरदावर / तहसील कार्यालय: फसल-प्रविष्टि सुधार के लिए पहला कदम।
- किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551 (निःशुल्क)। [16]
- कृषि पर्यवेक्षक / ग्राम विकास अधिकारी: ग्राम पंचायत स्तर पर ऐप के संदर्भ में जानकारी।
सीमाएँ
- 99.47% पूरा होना, बचे 2.41 लाख खसरे और पटवारी/सर्वेयर/किसान का हिस्सा: ये आंकड़े सिर्फ अखबार में मिले, इनकी सरकारी पुष्टि नहीं हुई।
- गिरदावरी विवरण वाला पेज हम जांच के समय खोल नहीं पाए। ऊपर दिए चरण पोर्टल के मेन्यू पर आधारित हैं। स्क्रीन पर विकल्प थोड़े अलग हो सकते हैं।
- गिरदावरी की फसल-प्रविष्टि सुधार की कोई तय समय-सीमा या फॉर्म आधिकारिक रूप से नहीं मिला; अपनी तहसील से पुष्टि करें।
- KCC/बैंक ऋण में गिरदावरी अनिवार्य है या नहीं, यह बैंक पर निर्भर हो सकता है।
- यह कानूनी सलाह नहीं है। किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में तहसील कार्यालय या किसी जानकार वकील से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गिरदावरी और जमाबंदी में क्या फर्क है?
जमाबंदी बताती है कि ज़मीन किसके नाम है। गिरदावरी बताती है कि उस मौसम में खेत में कौन-सी फसल बोई गई। दोनों अपना खाता पोर्टल पर अलग-अलग विकल्प में हैं।
क्या गिरदावरी देखने का पैसा लगता है?
पोर्टल के अनुसार सभी प्रतियां निःशुल्क हैं। प्रमाणित प्रति कियोस्क से मिलती है, उसका शुल्क वहीं पूछें।
खरीफ 2083 की गिरदावरी की आखिरी तारीख क्या थी?
ऑनलाइन गिरदावरी 1 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026 तक चली।
अब ऐप से खुद फसल दर्ज कर सकता हूं?
खरीफ की तय अवधि 15 अक्टूबर को खत्म हो गई। अब गलती हो तो पटवारी/तहसील से संपर्क करें। रबी में फिर ऐप से कर सकते हैं, अगर विभाग अनुमति दे; इसकी पुष्टि अपने पटवारी से करें।
गलत गिरदावरी से फसल बीमा या मुआवज़ा रुक सकता है?
DCS का डेटा फसल बीमा और आपदा राहत में उपयोग होता है, और खराबे का अनुदान गिरदावरी से आंके गए नुकसान पर मिला। इसलिए गलत रिकॉर्ड से दिक्कत आने का खतरा है।
रबी की गिरदावरी कब होगी?
पिछली रबी (2025) में डिजिटल गिरदावरी 15 मई तक चली थी। [17] रबी 2083 की तारीखें अभी घोषित नहीं मिलीं।
फोन नहीं है या ऐप नहीं चलता, तो?
पटवारी और सर्वेयर आपकी गिरदावरी करते हैं। रिकॉर्ड देखने के लिए ई-मित्र या गांव के किसी पढ़े-लिखे युवा की मदद लें।
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अगले हफ्ते: रबी की बुवाई से पहले, फसल बीमा में कौन-सी तारीखें याद रखें? आपकी गिरदावरी में कोई गलती मिली? नीचे कमेंट में बताएं।
स्रोत
- ETV भारत – खरीफ संवत 2083 डिजिटल क्रॉप सर्वे 1 अगस्त से (2026)
- खास खबर, अजमेर – खरीफ 2083 डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत (2026)
- गांव जंक्शन – राज किसान गिरदावरी ऐप, खरीफ 2026 (2026)
- राजस्थान सरकार – अपना खाता / ई-धरती पोर्टल
- राजस्थान सरकार – वेब गिरदावरी: गिरदावरी विवरण
- DoIT&C, राजस्थान सरकार – Kisan Girdawari ऐप (गूगल प्ले)
- PIB – Digital Crop Survey (2025)
- PIB – डिजिटल कृषि मिशन / एग्रीस्टैक (2024)
- लोकसभा – अतारांकित प्रश्न 4957 (2025)
- PTI / The Week – 7.63 लाख किसानों को आदान अनुदान (2025)
- पत्रिका – सरसों-चना MSP खरीद, पंजीकरण में गिरदावरी (2026)
- पत्रिका – डिजिटल गिरदावरी पर नई SOP (2026)
- पत्रिका, नागौर – डिजिटल भूमि रिकॉर्ड में गलतियां (2026)
- lawgist – राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956, धारा 136
- दैनिक नवज्योति – ऑनलाइन गिरदावरी, खरीफ 2082 (2025)
- mKisan – किसान कॉल सेंटर पोर्टल, भारत सरकार
- पत्रिका, अजमेर – 15 मई तक डिजिटल गिरदावरी (2025)
- लोकसभा – तारांकित प्रश्न 36: PMFBY पोर्टल और भूमि रिकॉर्ड (2025)
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